पुतिन के राइट हैंड का दावा! यूक्रेन का जल्द खेल खत्म करेंगे?
मॉस्को। रूस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने एक बड़ा और सनसनीखेज बयान देते हुए दावा किया है कि यूक्रेन के साथ जारी संघर्ष में रूस की सैन्य विजयअब पूरी तरह साफ दिखाई देने लगी है। युद्ध के चार साल पूरे होने के करीब पहुँचने पर मेदवेदेव का यह आत्मविश्वास भरा लहजा पश्चिमी देशों के लिए एक गंभीर चेतावनी माना जा रहा है। उन्होंने न केवल रूस की जीत का दम भरा, बल्कि भविष्य की रणनीति और अमेरिकी नेतृत्व पर भी अपनी बेबाक राय रखी। मेदवेदेव ने स्पष्ट किया कि रूस अब युद्ध के बाद की स्थितियों पर विचार कर रहा है, जो यह संकेत देता है कि क्रेमलिन अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के बेहद करीब है। उनका साफ संकेत था कि अब यूक्रेन का जल्द खेल खत्म करेंगे?
मेदवेदेव ने एक साक्षात्कार के दौरान पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि सैन्य जीत का तथ्य अब कई पैमानों पर उभरकर सामने आने लगा है। उन्होंने कहा कि यह अब बिल्कुल स्पष्ट है कि रूस अपनी मंजिल के करीब पहुँच चुका है और उसका विशेष सैन्य अभियान अपने सभी निर्धारित उद्देश्यों को पूरा करेगा। उन्होंने अपनी व्यक्तिगत इच्छा व्यक्त करते हुए कहा कि वह चाहते हैं कि यह पूरी प्रक्रिया जितनी जल्दी हो सके, उतनी जल्दी पूर्णता तक पहुँचे। रूसी नेतृत्व के इस रुख से यह संदेश गया है कि वे अब इस लंबे खिंचते संघर्ष को निर्णायक अंजाम तक पहुँचाने के मूड में हैं।
साक्षात्कार के दौरान मेदवेदेव ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वैश्विक भूमिका पर भी दिलचस्प टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप वास्तव में इतिहास के पन्नों में खुद को एक शांतिदूतया शांति स्थापित करने वाले व्यक्तित्व के रूप में दर्ज कराने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। युद्ध के चौथे साल में प्रवेश करने से ठीक पहले आया यह बयान वैश्विक राजनीति में नई चर्चाएं छेड़ रहा है। रूस अब केवल सैन्य अभियानों तक सीमित नहीं है, बल्कि वह युद्ध के खात्मे के बाद के परिदृश्यों और अंतरराष्ट्रीय समीकरणों पर भी गंभीरता से विचार कर रहा है। मेदवेदेव के इस रुख ने उन अटकलों को और हवा दे दी है कि आने वाले समय में रूस और अमेरिका के बीच वार्ता की मेज पर कुछ बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल, मॉस्को अपने सैन्य विजय के दावे पर अडिग है और वैश्विक मंच पर अपनी जीत की पटकथा तैयार करने में जुटा है।

CISF Constable Recruitment Dispute: Supreme Court Dismisses Central Government's Petition
नई शराब नीति: पारदर्शी लाइसेंसिंग से बढ़ी प्रतिस्पर्धा और राजस्व
लोकसभा सीटों में इजाफा बना बहस का मुद्दा, उत्तर को लाभ तो दक्षिण को नुकसान?
MP हाईकोर्ट ने दिखाई सख्ती, रिश्वत मामले में डॉक्टर को लगाई फटकार
दोस्त की हत्या के बाद भूत का डर बना वजह, आरोपी ने थाने में किया सरेंडर
बंगाल में सियासी घमासान: शाह ने ममता बनर्जी सरकार पर लगाए 14 गंभीर आरोप