मोदी ने किया कूटनीतिक पहल, कतर से लेकर मलेशिया तक के नेताओं को घुमाया फोन
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में छिड़ी जंग ने दुनिया को परेशान कर दिया है। कई देश ऊर्जा संकट के दौर से गुजर रहे हैं। पाकिस्तान, नेपाल, श्रीलंका जैसे देशों में पेट्रोल-डीजल के साथ ही गैस की कमी आ गई है। स्थिति को देखकर इन देशों ने कीमतें भी बढ़ा दी है, जिसका असर जनता पर सीधे पड़ रहा है। तमाम देश ईरान युद्ध को बंद कराने में अपने-अपने स्तर से जुटे गए हैं। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दिशा में पहली बार सामूहिक तौर पर बड़ी पहल की है। पीएम मोदी ने पांच देशों के राष्ट्राध्यक्षों से बात कर वेस्ट एशिया के मौजूदा हालात पर गंभीर चिंता जाहिर की है। उन्होंने इसके साथ ही संघर्ष और तनाव कम करने की दिशा में कदम उठाने का आग्रह किया है। इसके साथ ही पीएम मोदी ने एनर्जी फैसिलिटी यानी पेट्रोल और गैस के संयंत्रों पर हमले की भी कड़े शब्दों में निंदा की है।
वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने कूटनीतिक स्तर पर सक्रियता तेज की है। प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार देर रात को कतर, फ्रांस, जॉर्डन, ओमान और मलेशिया के नेताओं से अलग-अलग फोन पर बातचीत कर क्षेत्र की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। प्रधानमंत्री मोदी ने इन सभी वार्ताओं में एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा कर कहा कि इसतरह के हमले न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित करते हैं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी गंभीर असर डाल सकते हैं। उन्होंने खास तौर पर होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा परिवहन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है।
कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के समर्थन का आश्वासन दिया और क्षेत्र में ऊर्जा ढांचे पर हमलों की निंदा की। उन्होंने कतर में रह रहे भारतीय समुदाय की देखभाल और सहयोग के लिए उनका आभार भी व्यक्त किया। जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला-सेंकड से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें अग्रिम ईद की शुभकामनाएं दीं और क्षेत्रीय हालात पर चिंता जाहिर की है। दोनों नेताओं ने सहमति जाहिर की, कि संवाद और कूटनीति ही शांति बहाली का एकमात्र रास्ता है।
वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बातचीत में भी प्रधानमंत्री मोदी ने तनाव कम करने और कूटनीतिक प्रयासों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने वेस्ट एशिया में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए आपसी समन्वय जारी रखने पर सहमति जाहिर की। वहीं, ओमान के सुल्तान सुल्तान हैथम बिन तारिक अल सैद के साथ हुई बातचीत को प्रधानमंत्री मोदी ने प्रोडक्टिव बताया। उन्होंने ओमान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई और संकट के दौरान हजारों लोगों, खासकर भारतीयों की सुरक्षित वापसी में ओमान की भूमिका की सराहना की। इसके बाद पीएम मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से भी बातचीत की है।
पश्चिम एशिया क्षेत्र में हालात लगातार गंभीर हो रहे हैं। ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में तेल और गैस प्रतिष्ठानों पर हमले तेज किए हैं, जो कथित तौर पर उसके साउथ पार्स गैस फील्ड पर हुए हमले के जवाब में हुए हैं। यह गैस फील्ड दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस भंडार माना जाता है और कतर के साथ साझा किया जाता है।

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