बिजली उपभोक्ता सतर्कता एवं अन्य जांच के देयकों का करें ऑनलाइन भुगतान
भोपाल : मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के अंतर्गत आने वाले 16 जिलों के ऐसे बिजली उपभोक्ता जिन्हें बिजली कंपनी के सतर्कता एवं अन्य जांच दलों ने अनंतिम/अंतिम देयक जारी किये हैं, उनके भुगतान के लिए कंपनी की वेबसाइट portal.mpcz.in पर ऑनलाईन भुगतान की सुविधा उपलब्ध है।
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया है कि ऐसे व्यक्ति अथवा बिजली उपभोक्ता जिनके परिसर में बिजली के अनधिकृत उपयोग या फिर अन्य किसी भी अनियमितता के चलते बिजली कंपनी के सतर्कता एवं अन्य जांच दलों द्वारा प्रकरण पंजीबद्ध कर उन्हें अनंतिम/अंतिम देयक जारी किया गया है, तो अब उसके भुगतान के लिए कंपनी के जोन/वितरण केन्द्र कार्यालय के साथ-साथ घर बैठे ही कंपनी की बेवसाइट portal.mpcz.in पर भी ऑनलाईन भुगतान कर सकते हैं।
कंपनी ने कहा है कि सतर्कता एवं अन्य जांच में कंपनी द्वारा जारी अनंतिम/अंतिम देयक के भुगतान के लिए संबंधित व्यक्ति/ उपभोक्ता कंपनी की वेबसाइट पोर्टल portal.mpcz.in पर LT Services में दिये गये View/Pay Bill पर क्लिक कर Vigilance bill विकल्प पर जाना होगा। इस विकल्प पर जाने के बाद ऑनलाइन भुगतान के लिये उपभोक्ता क्रमांक अथवा पंचनामा/पेज क्रमांक में से किसी एक विकल्प का चयन करने पर सतर्कता के अनंतिम/अंतिम बिल की जानकारी प्रदर्शित होगी। साथ ही पूर्व में जारी किये गये सतर्कता जांच के देयकों को भी पूर्ण विवरण के साथ व्यु बिल विकल्प के माध्यम से देखा जा सकेगा। उपभोक्ता निर्धारित प्रक्रिया का पालन कर अपनी सुविधानुसार ऑनलाइन भुगतान के लिये क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग, यूपीआई अथवा क्यू आर कोड के माध्यम से आसानी से बिल का भुगतान कर सकते हैं।

चारधाम यात्रा अपडेट: मद्महेश्वर-तुंगनाथ के कपाट खुलने की तारीख कल घोषित, डीएम की निगरानी में होंगे अनुष्ठान
9 साल से खाली पद पर विपक्ष आक्रामक, सरकार से जवाब तलब
Kedarnath Yatra 2026 की तैयारियां तेज, धाम में अधिकारियों ने किया निरीक्षण
राजनीतिक विवाद बढ़ा, राहुल गांधी के बयान ने मचाया सियासी तूफान
नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण की तैयारी तेज, 15 को बिहार में बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम संभव
फरमान खान केस में बड़ा अपडेट, कोर्ट ने राहत दी
नियम तोड़ने पर नहीं मिली छूट, पुलिसवालों पर भी कार्रवाई