कानपुर एक्सप्रेसवे तैयार, जल्द शुरू होगा हाई-स्पीड सफर
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे बनकर तैयार है। इसकी फिनिशिंग का काम चल रहा है। एक अप्रैल से इसे यात्रियों के लिए खोलने की तैयारी नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की ओर से की जा रही है। इसके साथ ही वाहन फर्राटा भरने लगेंगे। अभी कानपुर पहुंचने में दो से ढाई घंटे लगते हैं। अधिकारियों का दावा है कि इस एक्सप्रेसवे से यह सफर 35 मिनट में पूरा हो सकेगा।जाम में फंसे बिना लखनऊ से कानपुर पहुंचाने के लिए एनएचएआई ने यह एक्सप्रेसवे बनाया है। इसके मुख्य महाप्रबंधक (तकनीकी) गौतम विशाल ने बताया कि एक्सप्रेसवे दो चरणों में तैयार किया गया। 18 किमी का पहला चरण स्कूटर इंडिया से बनी तक का है। इसका 92 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। दूसरे चरण में बनी से शुक्लागंज तक 45 किमी लंबा एक्सप्रेसवे है।गौतम विशाल ने बताया कि कुल 63 किमी लंबा एक्सप्रेसवे बनाने में 3600 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसमें चार बड़े पुल, 25 छोटे पुल, चार फ्लाईओवर, पैदल यात्रियों के लिए 11 अंडरपास, हल्के वाहनों के लिए 13 अंडरपास हैं। गौतम ने कहा कि इस एक्सप्रेसवे पर अधिकतम 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से वाहन चलाए जा सकेंगे। इससे लखनऊ से कानपुर पहुंचने में पहले के मुकाबले 60 प्रतिशत तक समय बचेगा। उन्होंने बताया कि मार्च के अंत तक काम पूरे कर पहली अप्रैल से एक्सप्रेसवे शुरू करने की तैयारी है।पांच जिलों से जुड़ा है एक्सप्रेसवे इस एक्सप्रेसवे की मदद से लखनऊ के अलावा सीतापुर, हरदोई, अयोध्या, सुल्तानपुर के लोगों को भी कानपुर पहुंचना आसान होगा। इन जिलों से लखनऊ आने पर लोग आउटर रिंग रोड के जरिये बनी पहुंचेंगे। यहां आउटर रिंग रोड से उतरते ही सीधे एक्सप्रेसवे पर चढ़ जाएंगे, जिससे जाम से भी नहीं जूझना पड़ेगा। लखनऊ के लोग शहीद पथ से कानपुर रोड आने वाली एलिवेटेड रोड से बनी पहुंचेंगे। फिर यहां से सीधे एक्सप्रेसवे पर चढ़ जाएंगे।वर्ष 2028 तक तैयार हो जाएगी कानपुर रिंग रोड लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को स्कूटर इंडिया से बनी और बनी से शुक्लागंज (उन्नाव) के बीच दो चरणों में बनाया गया है। यह शुक्लागंज में उतरेगा, जहां से गंगापुल पार करते हुए जाजमऊ जाना होगा। यहां नेशनल हाईवे व एक्सप्रेसवे के वाहन एक ही मार्ग से गुजरेंगे। फिर फ्लाईओवर से यात्री शहर के बाहर निकल सकेंगे। वर्ष 2028 तक कानपुर रिंग रोड तैयार हो जाएगी। इसके बाद लखनऊ आउटर रिंग रोड से एक्सप्रेसवे होते हुए कानपुर रिंग रोड तक यात्री पहुंच सकेंगे।घायलों को 15 मिनट में मिलेगी मदद परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा ने बताया कि इस एक्सप्रेसवे पर कोई हादसा होने पर अधिकतम 15 मिनट में टीमें मदद के लिए पहुंच जाएंगी। 120 किमी से ज्यादा की रफ्तार से वाहन चलाने वालों के चालान के लिए एटीएमएस लगाए गए हैं।पूरा एक्सप्रेसवे सीसीटीवी कैमरों की जद में नकुल वर्मा ने बताया कि पूरा एक्सप्रेसवे सीसीटीवी कैमरों की जद में रहेगा। इसके लिए 63 कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा 16 वीडियो डिटेक्शन इंसिडेंट सिस्टम की भी व्यवस्था की गई है, जो हादसा होने पर तत्काल कंट्रोल रूम को सूचित करेगा। इसके अलावा कंट्रोल सेंटर से पूरे एक्सप्रेसवे पर नजर रखी जाएगी।

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