जबलपुर में जमीन घोटाला उजागर, पार्षद फरार, एसपी ने घोषित किया इनाम
जबलपुर। जबलपुर से एक चौकाने वाला मामला सामने आया है. निर्दलीय पार्षद शफीक हीरा पर पुलिस ने 5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है. आरोप है कि पार्षद ने अपने सगे भांजे और अन्य साथियों के साथ मिलकर एक प्लाट पर अवैध कब्जा किया था, जिसके बाद इस मामले की शिकायत मिलने पर गोहलपुर पुलिस ने जांच की, इसमें सामने आया कि शफीक हीरा ने फर्जी रजिस्ट्री करवाकर लाखों रुपए का प्लाट अपने नाम करवा लिया था. करीब छह महीने तक चली इस जांच के बाद पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि पार्षद शफीक हीरा और उसके तीन अन्य साथी अब भी फरार चल रहे हैं।
फर्जी रजिस्ट्री बनाकर प्लाट हड़पने का आरोप
शहर के मोतीलाल नेहरू वार्ड के निर्दलीय पार्षद शफीक हीरा पर फर्जी रजिस्ट्री के जारिए प्लाट कब्जाने का गंभीर आरोप लगा है. गोहलपुर निवासी मोहम्मद असलम ने सितंबर माह में गोहलपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने शिकायत में बताया था कि गोहलपुर क्षेत्र में उनका 2400 स्क्वेयर फीट का प्लाट उपलब्ध है, जिसे पार्षद शफीक हीरा ने अपने 7 अन्य साथियों के साथ मिलकर हड़प लिया. आरोप है कि इन सभी आरोपियों ने एक महिला को शामिल कर फर्जी रजिस्ट्री तैयार करवाई गई और प्लाट अपने नाम कर लिया।
पार्षद ने अपने भांजे की साथ मिलकर किया फर्जीवाड़ा
पुलिस जांच में सामने आया है कि पार्षद शफीक हीरा ने अपने भांजे यूसूफ जावेद, आयुष दुबे, असगर अली समेत अन्य साथियों के साथ मिलकर जुबेदा बी नामक महिला को खड़ा कर प्लाट की फर्जी रजिस्ट्री करवाई थी. इसके लिए महिला की फोटो भी खिंचवाई और दस्तावेज तैयार किए गए. बाद में पार्षद ने बड़ी चालाकी के साथ प्लाट को अपने भांजे के नाम ट्रांसफर करवा दिया।
एसपी ने पार्षद पर घोषित किया इनाम
एएसपी अंजना तिवारी ने मामले में बताया कि शफीक हीरा ने फर्जी रजिस्ट्री करवाई और धोखाधड़ी की है, जिस पर गोहलपुर पुलिस ने जांच करते हुए निर्दलीय पार्षद सहित 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. वर्तमान में चार लोग गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि पार्षद और उसका भांजा और दो अन्य लोग फरार है, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है और इसी बीच एसपी जबलपुर ने पार्षद पर 5 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं।
भाजपा ने किया पार्टी से निष्काषित
आरोपी निर्दलीय पार्षद शफीक हीरा हमेशा ही विवादों से घिरे रहते हैं. यही वजह है कि भाजपा ने उन्हें पार्टी से निष्काषित कर दिया था. हाल ही में उनका विवाद बिजली विभाग के कर्माचारी से भी हुआ था, जहां कर्मचारी द्वारा गाजीनगर में स्मार्ट मीटर लगाए जाने पर कर्मचारी से भिड़ गए थे. इतना ही नहीं पार्षद जुलाई 2024 में भी थूक कांड को लेकर बड़े विवाद में घिरे रहे. इस मामले पर सदन में भी हंगामा हुआ था।
पार्षद ने थूक लगाकर बांटे थे बजट के प्रस्ताव
इस विवाद का मुख्य कारण था कि नगर निगम की बजट बैठक के दौरान पार्षद हीरा शफीक पर आरोप लगा था कि उन्होंने अपनी उंगली में थूक लगाकर बजट के प्रस्ताव के पर्चे बांटे है. भाजपा भी इसका जमकर विरोध करती नजर आई. भाजपा पार्षदों ने इस घटना को थूक कांड का करार देते हुए सदम में जमकर हंगाम किया और पार्षद हीरा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. इस हंगामें के बाद पूरे घटना के वीडियो मंगवाए गए ताकी मामले में पार्षद के खिलाफ सत्यता के साथ जांच की जा सके।

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