गलत मेडिकल रिपोर्ट और पक्षपातपूर्ण जांच में फंसा इंस्पेक्टर, CMO समेत 3 पर केस
उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस इंस्पेक्टर, मुख्य चिकित्साधिकारी सहित तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. मुख्य चिकित्साधिकारी ने गलत मेडिकल रिपोर्ट बनाकर इंस्पेक्टर को दी थी, जिससे बाद एक युवक के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया था. पीड़ित पक्ष ने कोर्ट में गलत मेडिकल रिपोर्ट तैयार करने और जांच में पक्षपात दर्ज करने से संबंधित शिकायत दर्ज कराई थी.
औरैया के बिधूना कोतवाली क्षेत्र के फीडर रोड इलाके में रहने वाले देवेंद्र यादव का 19 जून 2023 को परिवारजनों से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था. मामले की जांच इंस्पेक्टर भोला प्रसाद रस्तोगी कर रहे थे. उन्होंने जांच पूरी कर देवेंद्र के बेटे के खिलाफ हत्या का प्रयास, शांति भंग करने और धमकी देने जैसी धाराओं में केस दर्ज किया गया था. वहीं, अन्य पक्ष के खिलाफ शांति भंग करने और धमकी देने जैसी धाराओं में ही केस दर्ज किया था.
CMO ने तैयार की थी गलत मेडिकल रिपोर्ट
जांच पूरी होने के बाद माननीय न्यायालय के समक्ष मामले की सुनवाई थी. सुनवाई करते हुए कोर्ट ने देवेंद्र के बेटे अश्विनी यादव को जेल भेज दिया था. इस मामले में दूसरे पक्ष के लोगों ने पुलिस इंस्पेक्टर और CMO से मिलीभगत कर जांच को प्रभावित किया था. मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅक्टर विवेक चौधरी ने मामले में गलत मेडिकल रिपोर्ट तैयार की थी. पुलिस इंस्पेक्टर ने इसी गलत रिपोर्ट के आधार पर पीड़ित को फंसाने की मंशा से चार्जशीट तैयार करके कोर्ट में लगाई थी.
18 महीने से जेल में बंद युवक
इसी के चलते अश्वनी यादव को गिरफ्तार कर इटावा जिला कारागार भेज दिया था. अश्वनी के पिता का आरोप हैं कि मुख्य चिकित्साधिकारी विवेक चौधरी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अन्य आरोपियों के साथ मिलकर फर्जी सबूत तैयार किए जिसके चलते उनका निर्दोष बेटा पिछले 18 महीना से जेल में बंद है. बेटे के जेल में बंद होने के बाद पीड़ित देवेंद्र ने कोर्ट के समक्ष अपने पक्ष रखा था.
CMO, इंस्पेक्टर सहित तीन पर दर्ज हुआ मुकदमा
इस मामले में पीड़ित की ओर से प्रस्तुत किए गए सबूतों के आधार पर कोर्ट ने इटावा के सैफई मेडिकल कालेज में तैनात मुख्य चिकित्साधिकारी डाक्टर विवेक चौधरी, पुलिस इंस्पेक्टर भोला प्रसाद रस्तोगी और फर्जी मुकद्दमा लिखाने वाले राम नरेश यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था. कोर्ट के आदेश के बाद बिधूना थाने में तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है.

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