भारत-अमेरिका डील: रूसी तेल की जगह अब US से खरीद
भारत और अमेरिका |के बीच नए व्यापारिक युग की शुरुआत हो चुकी है। सोमवार (02 फरवरी) को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लगाया पारस्परिक टैरिफ 18 फीसदी कर दिया। इसी के साथ लंबे समय से अटके व्यापार समझौते पर भी ट्रंप ने सहमति जताई है। ऐसे में अब व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने भारत-अमेरिका के व्यापार समझौते पर जानकारी साझा की है। उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में बड़े निवेश का वादा किया है।प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बुधवार को अमेरिका-भारत समझौते, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच सौहार्दपूर्ण संबंधों का जिक्र किया। लेविट ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी रूसी तेल की खरीद बंद करने और इसके बजाय अमेरिका और संभवत वेनेजुएला से तेल खरीदने पर सहमत हो गए।
कैरोलिन लेविट ने ट्रेड डील पर क्या बताया?
वॉशिंगटन में मीडिया से बात करते हुए कैरोलिन लेविट ने कहा, 'भारत ने न सिर्फ रूस से तेल खरीदना बंद करने की प्रतिबद्धता जताई है, बल्कि अमेरिका से तेल खरीदने की भी प्रतिबद्धता जताई है, और संभवतः वेनेजुएला से भी, जिसका सीधा लाभ अब अमेरिका और अमेरिकी जनता को मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने ऊर्जा, परिवहन और कृषि उत्पादों सहित अमेरिका में 500 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। यह एक और शानदार व्यापार समझौता है।'
दोनों देशों के बीच बहुत अच्छे संबंध: लेविट
पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच हुई बातचीत के बाद व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए कैरोलिन लेविट ने कहा कि ये प्रतिबद्धताएं दोनों देशों के नेताओं के बीच हुई सीधी बातचीत के बाद की गई है। उन्होंने कहा, 'जैसा कि आप सभी ने देखा, राष्ट्रपति ने भारत के साथ एक और बड़ा व्यापार समझौता किया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से सीधे बात की; दोनों देशों के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं।
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'राष्ट्रपति के टैरिफ कारगर साबित हो रहे'
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ करते हुए लेविट ने कहा कि ट्रंप के टैरिफ अमेरिकी अर्थव्यवस्था में नकदी की आपूर्ति कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'राष्ट्रपति के टैरिफ कारगर साबित हो रहे हैं और उनका आर्थिक एजेंडा भी काम कर रहा है। टैरिफ लगाने के साथ-साथ अमेरिका में विनिर्माण और निवेश को बढ़ावा देने से रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं। राष्ट्रपति ने दुनिया भर के देशों और कंपनियों से अमेरिका में निवेश लाने में अहम भूमिका निभाई है। पिछले कुछ महीनों में हमने निर्माण क्षेत्र में रोजगार में भारी वृद्धि देखी है। ऐसा इसलिए है क्योंकि ये कारखाने यहीं अमेरिका में बनाए जा रहे हैं और हम अमेरिकियों को रोजगार दे रहे हैं।'
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ट्रंप ने टैरिफ में कटौती की घोषणा की, मोदी की तारीफ
बता दें कि टैरिफ को लेकर एक साल के राजनयिक तनाव के बाद वॉशिंगटन और नई दिल्ली के बीच नए सिरे से रिश्ते मजबूत होने जा रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने रविवार को घोषणा करते हुए बताया था कि भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ घटकर 18 प्रतिशत कर दिया गया, साथ ही रूसी तेल से जुड़े अतिरिक्त 25 प्रतिशत जुर्माना भी हटा दिया जाएगा। साथ ही व्यापार समझौते पर भी सहमति जाहिर की। ट्रंप की इस घोषणा के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने शुल्क कटौती की पुष्टि की। उन्होंने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि अब भारतीय उत्पादों को अमेरिकी बाजार में कम शुल्क देना होगा। हालांकि, समझौते की अन्य शर्तें अभी तक स्पष्ट नहीं हैं।

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