भीख देने के मामले में पहली एफआइआर दर्ज
भोपाल। राजधानी के पहली बार बोर्ड ऑफिस चौराहे सिग्नल पर भीख देने के मामले में पुलिस ने एक मिनी ट्रक ड्राइवर के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई है। पूर्व में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देश पर एडीएम सिद्धार्थ जैन ने आदेश जारी किए थे कि अब भीख मांगने और देने वालों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की जाएगी। इसी के तहत एमपी नगर पुलिस ने एक समाज सेवी की शिकायत पर भीख देने वाले ड्राइवर और अज्ञात भिखारी के खिलाफ कार्रवाई की है। थाना पुलिस ने बताया कि समाज सेवी मोहन सिंह सोनी ने थाने आकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि बोर्ड ऑफिस चौराहे पर रेड सिग्नल के दौरान एक भिखारी वाहन चालकों से भीख मांग रहा था, तभी वहां खड़े मिनी ट्रक नंबर चालक एमपी 04 जीबी 3813 के ड्राइवर ने उसे भीख दे दी। मोहन ने दोनों के वीडियो बनाकर पुलिस को पेश कर दिए है। एमपी नगर पुलिस ने ट्रक के नंबर के आधार पर ड्राइवर और अज्ञात भिखारी के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 223 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। मामले में दोनों व्यक्ति अज्ञात है, पुलिस सीसीटीवी कैमरों के जरिए उनकी तलाश कर रही है। गौरतलब है की कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देश पर एडीएम सिद्धार्थ जैन ने 3 फरवरी को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के अंतर्गत धारा 163 (2) के तहत आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावशील किया था। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 223 में कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले 25 जनवरी को पुलिस ने योगेंद्र भलावी की शिकायत पर एक भिखारी युवक को हिरासत में लिया था। योगेंद्र ने भीख मांगने पर उससे कहा था की वह हट्टे-कट्टे होने के बाद भी भीख क्यो मांगता है। यह सुनकर भिखारी उनसे अभद्रता करने लगा था।

इंडोनेशिया में लापता टूरिस्ट बोट से बढ़ी चिंता, 11 यूरोपीय पर्यटकों की खोज जारी
NEET मुद्दे पर राहुल गांधी आक्रामक, सरकार से तीन मांगों पर मांगा जवाब
थाने से पुलिस वाहन उड़ाकर मचाया कहर, आठ लोगों को रौंदने के बाद मचा हड़कंप
RPF पर घूस मांगने का आरोप लगाकर शख्स ने रेलवे स्टेशन पर किया बवाल
विवादों के बीच मनोज मुंतशिर का कबूलनामा, 'आदिपुरुष' को बताया सबसे बड़ी भूल
गांवों की कमाई पर महंगाई की मार, नाबार्ड सर्वे ने दिखाई नई तस्वीर
शेखर सुमन का भावुक वीडियो वायरल, छात्रों पर कार्रवाई के खिलाफ जताई नाराजगी
कारोबार और प्रॉपर्टी डील के नाम पर करोड़ों का खेल, ठगी का मास्टरमाइंड दबोचा गया