शहर की सडक़ों पर जल्द ही इलेक्ट्रिक बसें दौड़ेंगी
भोपाल । राजधानी भोपाल में इस साल 100 इलेक्ट्रिक बसें दौड़ेंगी। सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए शहर की सडक़ों पर जल्द ही इलेक्ट्रिक बसें दौड़ेंगी। केंद्र सरकार यह बसें उपलब्ध करा रही है। पीथमपुर में आयशर कंपनी इन बसों का निर्माण कर रही है। इनका संचालन ग्रीनसेल मोबिलिटी लिमिटेड करेगी। बीसीएलएल नोडल एजेंसी होगी। इन बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन सहित डिपो बनाने का काम ग्रीनसेल कंपनी ही करेगी।डिपो के लिए कस्तूरबा नगर और बैरागढ़ में जगह भी तय हो गई है। 6 महीने में यह डिपो तैयार हो जाएंगे, तब तक बसों की पहली खेप भी आ जाएगी। बताया जा रहा है कि इन बसों के संचालन का खर्च 45 रुपए प्रति किमी आएगा। इसमें से केंद्र सरकार 22 रुपए प्रति किमी के हिसाब से सब्सिडी दे रही है। संचालन का बाकी खर्च बस के किराए और विज्ञापन आदि से निकाला जाएगा। पूरी तरह से एयर कंडीशंड इन बसों का रूट भी जल्द ही फाइनल हो जाएगा।
कम हो रहीं लो-फ्लोर बसें, कमांड सेंटर बंद
ई-बसें आने के बाद बीसीएलएल की मौजूदा डीजल लो फ्लोर बसें संचालित होती रहेंगी। वर्तमान में शहर में लो-फ्लोर बसों के कुल 25 रूट हैं। इन पर चार ऑपरेटर करीब 350 बसों का संचालन करते थे। एक ऑपरेटर के बाहर हो जाने और शेष बसों के कंडम हो जाने से मौजूदा स्थिति में सिर्फ 125 बसें ऑन रोड हैं। लो-फ्लोर बसों का लाइव लोकेशन देखने के लिए कंट्रोल कमांड सेंटर बनाया गया था। यह भी बीते कई महीनों से बंद है। बसों के एक जैसे पास बनना बंद हो गए हैं, ज्यादातर बस स्टॉप टूट और उखड़ चुके हैं। इनमें न तो डिस्प्ले बोर्ड हैं और न ही ठीक से बैठने की जगह हैं।
सभी बसें एसी, अधिक आरामदायक
केंद्र से मिलने वाली यह बसें आरामदायक और एसी रहेंगी। केंद्र ने ही इनका टेंडर जारी किया। टेंडर देने से लेकर ऑपरेटर तक केंद्र से तय हुआ है। बीसीएलएल सिर्फ नोडल एजेंसी होगी। यह लो-फ्लोर बस से अलग होंगी।

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