200 साल की हिंदी पत्रकारिता का जश्न, CM योगी ने दिया संदेश
गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिंदी पत्रकारिता के 200 साल पूरे होने पर इसे राष्ट्र सेवा का आधार बताया। उन्होंने कहा कि 30 मई 1826 को कोलकाता से पंडित जुगुल किशोर शुक्ल ने हिंदी के पहले समाचार पत्र ‘उदंत मार्तण्ड’ का शुभारंभ किया था। उस समय देश की आजादी की लड़ाई में पत्रकारिता ने एक नई आवाज भरी थी और वह शानदार यात्रा आज भी बिना रुके आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से अपील की कि वे मूल्यों और आदर्शों के साथ आगे बढ़ें, क्योंकि पत्रकारिता कभी बेलगाम नहीं होनी चाहिए, यह राष्ट्रहित में आवश्यक है।
योगी आदित्यनाथ गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने पत्रकारिता के विभिन्न माध्यमों में समन्वय की जरूरत पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि अगर एक ही तथ्य को टेलीविजन, प्रिंट या डिजिटल माध्यम से अलग-अलग ढंग से दिखाया जाए, तो जनता में बेवजह का भ्रम फैलता है। यह स्थिति मीडिया के प्रति जनविश्वास को सीधा प्रभावित करती है। इसलिए उन्होंने सभी मीडिया अंगों को समान मानक, मूल्यों और आदर्शों के अनुरूप आगे बढ़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यह मीडिया की विश्वसनीयता के लिए बहुत जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने गुमराह करने वाली पत्रकारिता से बचने की दी सलाह
मुख्यमंत्री ने भारत में पत्रकारिता के मूलभाव को राष्ट्र सेवा, समाज सेवा और ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ बताया। उन्होंने साफ शब्दों में समाज को गुमराह करने वाली पत्रकारिता से बचने की सलाह दी। योगी ने कहा कि आज जब सामाजिक (सोशल) और मुद्रित (प्रिंट) माध्यम में खबर की प्रस्तुति में भिन्नता आती है, तो जनमानस विचलित होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार हमेशा मूल्यों पर आधारित पत्रकारिता के साथ मजबूती से खड़ी है और उसे हर संभव सहयोग देने को तैयार है।
मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र में संवाद के महत्व पर भी बात की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र संवाद से चलता है, और इसमें होने वाली आलोचना को कभी व्यक्तिगत रंजिश के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। पत्रकारिता को समाज का आईना और जनविश्वास का प्रतीक बताते हुए उन्होंने कहा कि पत्रकारों को सही-गलत के प्रति हमेशा एक तटस्थ और निष्पक्ष भाव में रहना आवश्यक है। यही पत्रकारिता की आत्मा है।
उन्होंने इतिहास के कई उदाहरण भी दिए। महात्मा गांधी और बाल गंगाधर तिलक जैसे महान नेताओं ने भी पत्रकारिता को देश सेवा का माध्यम बनाया। तिलक ने 1916 में लखनऊ से ही ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है’ का नारा दिया था, जिसे उन्होंने अपने अखबारों और लेखों के जरिए पूरे देश में प्रसारित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकारिता ने कठिन मार्गों का अनुसरण करते हुए सदैव अपने लक्ष्यों को प्राप्त किया है, चाहे वह आजादी की लड़ाई हो या सामाजिक सुधारों की बात।
मुख्यमंत्री ने बताया हिंदी पत्रकारिता का गौरवशाली इतिहास
हिंदी पत्रकारिता का गौरवशाली इतिहास रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि विपरीत परिस्थितियों में भी हिंदी पत्रकारिता ने भारतीय लोकतंत्र को मजबूती दी है। 200 वर्ष पहले शुरू हुई यह शानदार यात्रा चुनौतियों के बावजूद बिना रुके आगे बढ़ रही है। भारतीय पत्रकारिता का आधार उपनिषदों की महान सूक्ति ‘सत्यमेव जयते’ से प्रेरित है, जो हमें हमेशा सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने यह भी कहा कि विघटनकारी शक्तियों की चुनौती हमेशा रही है, पर हमें इन बाधाओं से विचलित नहीं होना है और अपने मूल आदर्शों पर टिके रहना है।
योगी आदित्यनाथ ने सरकार की कल्याणकारी नीतियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपराध और भ्रष्टाचार के प्रति अपनी शून्य सहिष्णुता की नीति जारी रखी है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। समाज के प्रत्येक वर्ग को जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ प्राप्त हो रहा है। उन्होंने विशेष रूप से बताया कि सरकार ने पत्रकारों के लिए भी विभिन्न आवासीय योजनाएं चलाई हैं ताकि उन्हें रहने की सुविधा मिल सके। साथ ही, मान्यता प्राप्त पत्रकारों को नकद रहित (कैशलेस) चिकित्सा सुविधा का लाभ भी दिया जा रहा है, जो उनके स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम है।
पत्रकारिता का फोकस राष्ट्रभक्ति पर होना चाहिए-मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि गोरखपुर में पत्रकारिता की दिशा राष्ट्रभक्ति के भाव को बढ़ाने वाली होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने में पत्रकारिता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि सरकार मूल्यों और आदर्शों पर आधारित पत्रकारिता के साथ सदैव खड़ी है और उसे हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।
इस अवसर पर गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की पृष्ठभूमि भी सामने आई। इसकी स्थापना 1998 में हुई थी और तब के मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का सानिध्य इसके सदस्यों को प्राप्त था। पुलिस अधीक्षक त्रिपाठी और अरविंद शुक्ला ने इसकी स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सरकार ने अब इस क्लब को एक भव्य भवन दिया है, जिससे पत्रकारों को बेहतर कार्यस्थल मिल सके। महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को शपथ दिलाई।

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