मधुमक्खी पालन से स्व-सहायता समूह की आय में वृद्धि
रायपुर : मधुमक्खी पालन पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ कम लागत में अधिक आय देने वाला प्रभावी स्वरोजगार माध्यम सिद्ध हो रहा है। बगीचा विकासखंड के ग्राम चम्पा में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उल्लेखनीय पहल की गई है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना अंतर्गत के तहत स्व सहायता समूह का गठन कर महिलाओं को मधुमक्खी पालन के लिए प्रेरित एवं प्रशिक्षित किया गया।
समूह की महिलाओं को मधुमक्खी पालन हेतु 5 बक्से निःशुल्क उपलब्ध कराए गए। वर्तमान में रबी सीजन के दौरान सरसों की फसल के समीप बक्से स्थापित कर वैज्ञानिक पद्धति से पालन किया जा रहा है, जिससे बेहतर उत्पादन की संभावना है। समूह द्वारा एक माह में 5 बक्सों से लगभग 10 किलोग्राम शहद का उत्पादन किया गया, जिसे स्थानीय बाजार में 500 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से विक्रय कर आय अर्जित की गई। इससे समूह की महिलाओं में उत्साह एवं आत्मविश्वास का संचार हुआ है। मधुमक्खियां परागण के माध्यम से जैव विविधता को बढ़ावा देती हैं तथा फसलों की उत्पादकता में वृद्धि करती हैं।

विचारधारा पर बड़ा सवाल: प्रियंका का आरोप, एलडीएफ ने सत्ता में बने रहने के लिए भाजपा से की छिपी बातचीत
प्रवासियों के लिए आसान हुई रसोई: बिना एड्रेस प्रूफ मिल सकेगा 5 किलो LPG सिलेंडर
एमपी में गेहूं समर्थन मूल्य खरीदी का ऐलान: स्लॉट बुकिंग शुरू, 197 केंद्रों पर 10 अप्रैल से प्रक्रिया
महाकुंभ में छाए IITian बाबा की नई शुरुआत: अभय सिंह ने हिमाचल में रचाई शादी, पत्नी भी इंजीनियर
धमकी से गरमाई राजनीति: ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को घेरा, चुप्पी पर उठाए कड़े सवाल