नीतीश और ममता के बाद अब कौन संभ्रालेगा इंडिया गठबंधन की कमान
नई दिल्ली। एनडीए को टक्कर देने के लिए भाजपा विरोधी कई दलों ने इंडिया गठबंधन बनाया था। इसके लिए बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने खूब भागदौड़ की थी। अंतत: रिजल्ट वहीं के वहीं रहा। इस गठबंधन का नेतृत्व करने के लिए कई चेहरे सामने आए जिसमें खुद नीतीश कुमार, टीएमसी प्रमुख एवं पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और राहुल गांधी के नाम की भी चर्चा हुई। चर्चा सिर्फ चर्चा रह गए और इसका कोई नतीजा नहीं निकला। अब एक बार फिर नेतृत्व को लेकर बात हो रही है, इसमें सपा प्रमुख अखिलेश यादव की बात होने लगी है।
कई राज्यों में चुनावी हारों के बाद देश भर से इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों के भीतर से आवाज उठने लगी। अधिकतर सहयोगी दलों ने कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि यह गठबंधन अब अपना महत्व खो रहा है। ऐसा कांग्रेस पार्टी की वजह से हो रहा है। दिल्ली में गठबंधन के दो सहयोगी दलों कांग्रेस और आप के अलग-अलग चुनाव लड़ने के कारण राज्य में भाजपा को शानदार जीत मिली है। इसी तरह हरियाणा में भी कांग्रेस और आप ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था और वहां भी अनुमान के विपरीत भाजपा को शानदार जीत मिली थी।
इन दोनों राज्यों में कांग्रेस और आप के बीच तकरार का असर इंडिया गठबंधन के भविष्य पर पड़ने लगा। सहयोगी दलों से आवाज उठने लगी कि गठबंधन में कोई बड़ा नेता संयोजक पद पर होना चाहिए। इसमें सबसे बड़ा नाम पश्चिम बंगाल की सीएम और टीएमसी मुखिया ममता बनर्जी का था। ममता बनर्जी ने भी खुलेआम संयोजक की भूमिका निभाने की इच्छा जता चुकी है। फिर महाराष्ट्र में गठबंधन से सहयोगी दलों शिवसेना उद्धव गुट और शरद पवार की एनसीपी ने भी कांग्रेस के रवैये पर सवाल उठाए। जम्मू कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने भी गठबंधन के भविष्य को लेकर सवाल पूछे। दिल्ली चुनाव के दौरान आप नेता अरविंद केजरीवाल ने तो इंडिया गठबंधन से ही कांग्रेस को बाहर करने की मांग कर डाली थी।
इन सबके बीच अब इंडिया के संयोजक पक्ष के लिए एक नए चेहरे के नाम की चर्चा हो रही है। वो हैं सपा मुखिया अखिलेश यादव। सपा के एक बड़े नेता रविदास मेहरोत्रा ने कहा है कि यूपी में अखिलेश यादव सबसे बड़े नेता बनकर उभरे हैं। लोकसभा में सपा दूसरी सबसे बड़ी विपक्ष पार्टी है। उसके पास 37 सांसद हैं। ऐसे में हम चाहते हैं अखिलेश यादव हो इंडिया गठबंधन के संयोजक का पद दिया जाए।

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