भोपाल: डॉक्टर और इंजीनियर बनने का सपना देख रहे मध्य प्रदेश के छात्रों के लिए राज्य सरकार एक बड़ी खुशखबरी लेकर आई है। अब NEET और JEE जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्रों को महंगी कोचिंग फीस नहीं भरनी होगी। सरकार ने राज्य के 799 पीएमश्री (PM Shri) और 274 सांदीपनि स्कूलों में इन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी मुफ्त में कराने का फैसला किया है। इस 'अभिनव पहल' का मकसद गांव और छोटे शहरों के होनहार बच्चों को सही मार्गदर्शन देना है ताकि वे बिना किसी आर्थिक बोझ के बड़े एग्जाम्स क्रैक कर सकें।

9वीं क्लास से ही मजबूत होगी नींव: 'फाउंडेशन मॉडल' पर फोकस

इस योजना की सबसे खास बात यह है कि तैयारी 11वीं या 12वीं से नहीं, बल्कि कक्षा 9वीं से ही शुरू कर दी जाएगी। सरकार इसे पारंपरिक कोचिंग के बजाय ‘कॉम्पिटेटिव अवेयरनेस और फाउंडेशन मॉडल’ के रूप में चलाएगी। इसके तहत पहले चरण में 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को कवर किया जाएगा और आने वाले समय में 8वीं कक्षा को भी इसमें जोड़ा जाएगा। शुरुआत में गणित और एप्टीट्यूड टेस्ट के जरिए बच्चों का इंटरेस्ट समझा जाएगा, ताकि उन्हें सही करियर काउंसलिंग मिल सके।

स्मार्ट क्लास और प्रशिक्षित शिक्षक: ऐसे काम करेगी योजना

पढ़ाई को प्रभावी बनाने के लिए उन स्कूलों को चुना गया है जहाँ स्मार्ट क्लास, डिजिटल बोर्ड, कंप्यूटर और साइंस लैब जैसी आधुनिक सुविधाएं पहले से मौजूद हैं। हर स्कूल के दो शिक्षकों को विशेष रूप से ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वे बच्चों को कॉम्पिटिटिव लेवल पर पढ़ा सकें। पढ़ाई का पैटर्न पूरी तरह NCERT पर आधारित होगा। साथ ही, बच्चों के कॉन्सेप्ट क्लियर करने के लिए रेगुलर मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन (MCQ) टेस्ट लिए जाएंगे, जिससे उन्हें एग्जाम के प्रेशर और फॉर्मेट की आदत हो सके।

जुलाई से शुरू होगा चयन: 11वीं-12वीं में होगी 'टारगेटेड' पढ़ाई

इस योजना के तहत छात्रों का चुनाव जुलाई से सितंबर के बीच काउंसलिंग प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा। जहाँ 9वीं और 10वीं में बेसिक्स पर ध्यान दिया जाएगा, वहीं 11वीं और 12वीं कक्षा में पढ़ाई पूरी तरह परीक्षा (Exam Centric) पर आधारित होगी। इससे छात्रों को स्कूल की पढ़ाई के साथ-साथ नीट और जेईई की तैयारी के लिए अलग से समय निकालने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकार के इस कदम से राज्य में शिक्षा का स्तर सुधरने और मध्यम व निम्न वर्ग के परिवारों के बच्चों को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलने की उम्मीद है।