आस्था और आयुर्वेद का संगम—एक पत्ता, कई फायदे
सहारनपुर। बेलपत्र भगवान शिव का प्रिया माना जाता है. इसे शिवलिंग के ऊपर जलाभिषेक के दौरान चढ़ाया जाता है. बेलपत्र मानव शरीर के लिए भी चमत्कारी है. बेल के पौधे पर आने वाला फल भी हमारे पेट के लिए रामबाण हैं. ये शरीर को ठंडक पहुंचाते हैं. बेल के पत्ते भी रामबाण से कम नहीं हैं. बेलपत्र से कई आयुर्वेदिक दवाइयां भी बनाई जाती हैं. अगर आपको बेल का फल नहीं मिल रहा तो बेलपत्र से भी शरीर को ठंडक पहुंचा सकते हैं. इससे पेट की समस्या से तुरंत छुटकारा मिलता है. बेलपत्र मधुमेह नियंत्रण और इम्युनिटी बढ़ाने में भी काम आता है।
पहाड़ों पर जानवरों के देवता अलग, 4 दरवाजों से करते हैं रक्षा, गाय का बछड़ा इनका फेवरेट
सुल्तानपुर के आयास आयुर्वेदिक चिकित्सालय से बीएएमएस/ एमडी डॉ. हर्ष बताते हैं कि बेलपत्र ब्लड शुगर, उच्च रक्तचाप (BP) और हृदय स्वास्थ्य को भी ठीक रखता है. बेलपत्र से बनी हुई कई आयुर्वेदिक दवाइयां मार्केट में उपलब्ध हैं. घर पर भी इससे दवा बना सकते हैं. सुबह खाली पेट 2-3 ताजी पत्तियां चबाने से कब्ज, पेट के कीड़े, दस्त और एसिडिटी दूर होती है. इसके पत्तों में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं. डॉ. हर्ष के मुताबिक, बेलपत्र शरीर के तीन दोषों वात, पित्त और कफ तीनों का शमन करता है. गर्मी में डिहाइड्रेशन का खतरा ज्यादा होता है, बेलपत्र इससे बचाता है. हाइपरटेंशन के मरीजों के लिए भी बेलपत्र का सेवन लाभदायक है. जिनका लिपिड प्रोफाइल गड़बड़ हो जाता है, कोलेस्ट्रॉल लेवल मेंटेन नहीं रहता, उनके लिए भी बेलपत्र रामबाण है।

OBC आरक्षण विवाद में सुप्रीम कोर्ट की नई कार्रवाई, दो मामले पुनर्विचार के लिए किए रिकॉल
मंत्री गौतम टेटवाल पर MP में शिक्षक का गंभीर आरोप, उमंग सिंघार ने दी जांच और सुरक्षा की मांग
राजनीतिक हलचल: BJD सांसद ने समिति से त्यागपत्र सौंपा, मामला बना सवाल
भोपाल में हत्या के बाद बवाल, परिजनों और संगठनों ने किया चक्काजाम
सागर में गैस संकट: ऑटो-रिक्शा चालक और लोग लंबी कतारों में परेशान
असम राजनीति में कांग्रेस की चेतावनी, खडगे बोले- विकास नहीं, डबल भ्रष्टाचार है हकीकत