बीडीएस छात्रा ने भी चुना मौत का रास्ता: पिता ने क्लिनिक के लिए खरीदी थी जमीन
कानपुर|सीबीएसई 10वीं में 92% अंक लाने के बावजूद, लक्ष्य से 3% कम रहने पर छात्रा वैशाली सिंह ने फंदा लगाकर जान दे दी। छात्रा 95% अंक चाहती थी। आत्महत्या से पहले उसने दोस्तों को एक भावुक वॉयस नोट भेजा, जिसमें उसने खुद को 'जिंदा लाश' बताया और मां के पैसे बर्बाद होने का डर जताया। परिजनों का आरोप है कि स्कूल के शिक्षक उस पर पढ़ाई का अत्यधिक दबाव बना रहे थे और उसके भाई से तुलना कर उसे मानसिक रूप से परेशान करते थे।कल्याणपुर के एक हॉस्टल में बिहार की रहने वाली बीडीएस छात्रा नाजिया हसन ने भी खुदकुशी कर ली। पिता ने बेटी के क्लिनिक के लिए जमीन तक खरीद ली थी, लेकिन छात्रा के इस कदम ने सबको झकझोर दिया है। मनोवैज्ञानिकों ने अभिभावकों को सलाह दी है कि बच्चों पर अंकों का दबाव न बनाएं और उनसे संवाद बनाए रखें।

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