पंचमुखी हनुमान को माना जाता है साहस, शक्ति और रक्षा का प्रतीक
हिंदू धर्म में पंचमुखी हनुमान को साहस, शक्ति और रक्षा का प्रतीक माना जाता है। हनुमान जी के पांच मुखों वाली मूर्ति विशेष रूप से पूजनीय होती है। हनुमान जी के पांच मुख अलग-अलग देवताओं के रूप को प्रदर्शित करते हैं। लेकिन बहुत से लोग घरों में भी पंचमुखी हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर रखते हैं।हनुमान जी के पांच मुख उत्तर दिशा में वराह मुख, दक्षिण दिशा में नरसिंह, पश्चिम में गरुड़, आकाश की तरफ हयग्रीव मुख और पूर्व दिशा हनुमान जी का प्रतिनिधित्व करते हैं।
कहा जाता है कि अगर पंचमुखी हनुमान जी की पूजा सही तरीके व सम्मान से नहीं की जाए, तो इसको भूलकर भी घर के मंदिर में नहीं रखना चाहिए। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक पंचमुखी हनुमान जी की तस्वीर या मूर्ति घर में रखने के विशेष नियम बताए गए हैं। दरअसल, पंचमुखी हनुमान जी का स्वरूप अधिक ऊर्जा और शक्ति का प्रतीक है। जो घर के सामान्य वातावरण के लिए अनुकूल नहीं होता है।
घर में क्यों नहीं रखनी चाहिए पंचमुखी हनुमान जी की तस्वीर
हनुमान जी का पंचमुखी स्वरूप उग्रता और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। इसको घर में रखने से घर का माहौल अशांत और उग्र हो सकता है। खासकर यदि पंचमुखी हनुमान जी की विधि-विधान से पूजा न की जाए। पंचमुखी हनुमान जी की पूजा करना आसान नहीं होता है, इनकी पूजा के कुछ विशेष नियम होते हैं। ऐसे में सब लोग इन नियमों का सभी लोग पालन नहीं कर पाते हैं। अगर पंचमुखी हनुमान जी की पूजा में कोई कमी होती है, तो इससे जीवन में नकारात्मकता बढ़ सकती है।
पंचमुखी हनुमान जी की मूर्ति के लिए विशेष स्थान
बता दें कि घर में पंचमुखी हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर को रखने से सही दिशा और स्थान का चयन जरूर कर लें। ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक गलत दिशा और स्थान पर हनुमान जी के इस पवित्र स्वरूप की स्थापना करने से घर में पॉजिटिव ऊर्जा की जगह वास्तु दोष पैदा हो सकता है।
अक्सर लोग पंचमुखी हनुमान जी की मूर्ति को घर के मुख्य द्वार पर लगा देते हैं। लेकिन यह स्थान उपयुक्त नहीं माना जाता है। ऐसा करने से उनकी ऊर्जा का सही से उपयोग नहीं हो पाता है और अंजाने में मूर्ति का अपमान भी हो सकता है। हनुमान जी के इस स्वरूप को घर में रखने का उद्देश्य बुरी शक्तियों से बचाव होता है और सकारात्मकता को बढ़ावा देना है। कहां रखनी चाहिए पंचमुखी हनुमान जी की मूर्ति
पंचमुखी हनुमान जी की पूजा मंदिरों में की जाती है। जहां पर उनकी ऊर्जा का प्रबंधन सही तरीके से हो सकता है। पंचमुखी हनुमान की मूर्ति मंदिरों में रखना सबसे अच्छा माना जाता है। जिससे कि उनकी नियम से पूजा की जा सके। कुछ व्यावसायिक स्थलों पर पंचमुखी हनुमान जी की मूर्ति रखने से बिजनेस में मुनाफा हो सकता है, साथ ही यह मूर्ति नकारात्मक ऊर्जा से भी रखा करती है।

राशिफल 21 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
नक्सल मुक्त क्षेत्र में विकास की सौगात : साहेबिन कछार में गिरधर सोरी और जुगसाय गोड को मिला जीवन का नया सहारा
‘बिहान’ योजना से बदल रही ग्रामीण महिलाओं की तस्वीर, बिलासो बाई बनीं ‘लखपति दीदी’
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रद्धेय बृजमोहन मिश्रा की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि मंत्री के निवास पर पहुंचकर वर-वधू को दिया आशीर्वाद
कृषि मंत्री नेताम ने मिट्टी एवं बीजों की पूजा की और ट्रैक्टर चलाकर बीजों की बुआई की
महतारी वंदन योजना से मिली नई दिशा, प्रेम बाई बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल
जल गंगा संवर्धन अभियान से जल संरक्षण की दिशा में हुआ अभूतपूर्व कार्य