इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट की रोक
नई दिल्ली|सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा है कि पायजामे का नाड़ा खींचना और स्तन छूना साफ तौर पर दुष्कर्म की कोशिश है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय का विवादित फैसला भी पलट दिया, जिसमें कहा गया था कि नाड़ा खींचना या तोड़ना सिर्फ दुष्कर्म करने की तैयारी है। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले पर स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई की और 10 फरवरी को उच्च न्यायालय के फैसले को पलटने का आदेश दिया। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने पोक्सो कानून के तहत आरोपियों के खिलाफ लगे सख्त आरोपों को भी बहाल कर दिया।
क्या है मामला
10 नवंबर 2021 को एक महिला ने पुलिस में दर्ज शिकायत में बताया कि वह और उसकी 14 साल की नाबालिग बेटी उसकी ननद के घर से वापस अपने घर लौट रहे थे। इस दौरान उनके गांव के ही पवन, आकाश और अशोक ने उनकी बेटी को मोटरसाइकिल पर घर छोड़ने की पेशकश की। महिला ने आरोप लगाया कि तीनों आरोपियों ने उसकी बेटी से छेड़छाड़ की और उसके पायजामे का नाड़ा भी खींच लिया। बच्ची की चीख सुनकर दो लोग वहां पहुंचे और उन्हें देखकर तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए।

ED की छापेमारी से मचा हड़कंप, भुल्लर केस में जांच तेज
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है यह प्यारी झलक
US ने ड्रग्स नेटवर्क पर कसा शिकंजा, समुद्र में नाव पर हमला, 3 की मौत
कहा—“उनसे ज्यादा खूबसूरत मुझे कोई नहीं लगा”
राजनीति में हलचल: संदीप पाठक और राघव चड्ढा अब भाजपा सांसद
आज से बदलेगा मेट्रो सफर, भोपाल और इंदौर में नई टिकटिंग व्यवस्था शुरू
क्या बदलेगा बॉलीवुड का सिस्टम? उठ रहे बड़े सवाल