बिहार चुनाव के बाद इस राज्य में बदलेगा मुख्यमंत्री? भाजपा नेता ने किया बड़ा दावा
नई दिल्ली: कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र (Karnataka BJP President BY Vijayendra) ने बिहार चुनावों के बाद कर्नाटक (Karnataka) में कई बड़े राजनीतिक बदलावों का अनुमान जताया है. इस बीच उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच सत्ता को लेकर तनातनी का इशारा किया.
विजयेंद्र ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कांग्रेस पार्टी में भ्रम की स्थिति है. पार्टी के विधायक सार्वजनिक रूप से नेतृत्व परिवर्तन के बारे में बयानबाजी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया कुछ जल्दबाजी में दिख रहे हैं. आपने दो महीने पहले मैसूर में उनका शक्ति प्रदर्शन देखा होगा. वह अपनी ताकत दिखा रहे हैं. सत्तारूढ़ कांग्रेस के विधायक और मंत्री खुलकर अक्टूबर और नवंबर में क्रांति की बात कर रहे हैं, जबकि बीजेपी ने ऐसा कुछ नहीं कहा.
उन्होंने बताया कि कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने अपनी पार्टी के नेताओं से नेतृत्व परिवर्तन पर चर्चा न करने को कहा है और यह भी बताया कि इस मामले में पार्टी हाईकमान फैसला लेगा. विजयेंद्र ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व में कोई भी यह नहीं कह रहा कि नेतृत्व में बदलाव नहीं होगा. इसका मतलब है कि बिहार चुनावों के बाद राज्य में कई राजनीतिक बदलाव होंगे. यह स्पष्ट है कि राज्य में अराजकता होगी.
उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी में भ्रम की स्थिति है. पिछले हफ्ते कांग्रेस विधायक एचडी रंगनाथ और पूर्व मांड्या सांसद एलआर शिवरामे गौड़ा ने यह दावा करके मुख्यमंत्री बदलने की बहस को फिर से हवा दी कि शिवकुमार नवंबर में अगले मुख्यमंत्री बनेंगे. हालांकि, सिद्धारमैया ने फिर से दावा किया है कि वह पूरे पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे.
उन्होंने कहा कि वह अपने दूसरे कार्यकाल में ढाई साल तक मुख्यमंत्री रहे हैं और अगले ढाई साल तक इस पद पर बने रहेंगे. यह पूछे जाने पर कि राजनीतिक बदलाव की स्थिति में उनकी पार्टी की क्या भूमिका होगी. इस पर विजयेंद्र ने कहा कि जब स्थिति आएगी, तब देखेंगे. बीजेपी एक जिम्मेदार विपक्षी पार्टी के रूप में काम कर रही है और आगे भी करेगी.
उन्होंने कहा कि हमारी ताकत 66 सीटों से घटकर 63 सीटों पर आ गई है. हम विपक्ष में हैं. हम एक जिम्मेदार विपक्ष के रूप में काम कर रहे हैं. हमें राज्य के सामने आने वाली समस्याओं पर चर्चा करनी है. उन्होंने कांग्रेस पर शून्य विकास, गरीब विरोधी और किसान विरोधी होने का आरोप लगाया. राज्य के राजनीतिक हलकों में विशेष रूप से सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर, कुछ समय से यह अटकलें चल रही हैं कि इस साल के अंत में सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच सत्ता साझेदारी समझौते के आधार पर मुख्यमंत्री बदला जा सकता है.
बता दें कि मई 2023 में विधानसभा चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री पद के लिए कड़ा मुकाबला था और कांग्रेस ने शिवकुमार को समझा-बुझाकर उपमुख्यमंत्री बनाया था. उस समय कुछ खबरें थीं कि रोटेशनल मुख्यमंत्री फॉर्मूला के आधार पर एक समझौता हुआ था, जिसके तहत शिवकुमार ढाई साल बाद मुख्यमंत्री बनेंगे, लेकिन पार्टी ने आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की.

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