योगी सरकार का तोहफा: यूपी में पेंशन अब सीधे खाते में, वरिष्ठ नागरिकों को राहत
लखनऊ। अब पेंशन के लिए किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है। सरकार के पास ऐसे वरिष्ठ नागरिकों के खाते की डिटेल, आधार कार्ड का ब्योरा उपलब्ध है। आने वाले समय में पेंशन खुद ब खुद खाते में चली जाएगी। किसी प्रकार की कोई औपचारिकता करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसको लेकर पूरा मसौदा तैयार कर लिया गया है, अब सिर्फ कैबिनेट अप्रूवल होना बाकी है। यह सुविधा जल्द ही मिलना शुरू हो जाएगी।
यह बातें समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री असीम अरुण ने गोमती नगर स्थित भागीदार भवन में बुधवार को समाज कल्याण विभाग व हेल्पएज इंडिया की ओर से आयोजित अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस समारोह में कही।
इसके साथ ही अब नवंबर 2025 से वृद्धजनों को जीवित होने का प्रमाण देने के लिए अपने कार्यालयों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उनके मुताबिक जीवन प्रमाण नाम से पोर्टल को शुरू किया जा रहा है। स्मार्ट फोन से घर बैठे अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं या फिर नजदीकी जनसुविधा केंद्र जाकर इस काम को किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि इस प्रयास से हजारों वृद्धजनों को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि समाज कल्याण विभाग 75 वृद्धाश्रम का अनुबंध नए सिरे से करने जा रहा है। अगर कोई इनका संचालन करना चाहे तो वह आगे आ सकता है। मंत्री असीम अरुण ने कहा कि वृद्धाश्रम में अंशकालीक व पूर्णकालिक रहना कोई खराब बात नहीं है। इसे खराब नजर से नहीं देखा जाना चाहिए।
भारत युवाओं का देश है, भविष्य की योजना अभी से होगी बनानी
मंत्री असीम अरुण ने कहा कि भारत युवाओं का देश है। इन्हें शिक्षित करके आगे बढ़ाने पर जोर देना होगा। यही नहीं हम सब को आगामी 25 से 30 साल की योजना बनाकर काम करना होगा। क्योंकि फिर तीन दशक बाद भारत में जापान की तर्ज पर ज्यादा उम्र वाले काफी लोग होंगे। इसलिए हमें दोनों दृष्टिकोण पर काम करना है।

कृषि मंत्री नेताम ने मिट्टी एवं बीजों की पूजा की और ट्रैक्टर चलाकर बीजों की बुआई की
महतारी वंदन योजना से मिली नई दिशा, प्रेम बाई बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल
जल गंगा संवर्धन अभियान से जल संरक्षण की दिशा में हुआ अभूतपूर्व कार्य
पानी बचाना हमारी जरूरत भी है और जिम्मेदारी भी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
जल जीवन मिशन से ग्राम बंधी की बदली तस्वीर
प्रधानमंत्री जनमन योजना से बदली सेजाडीह की तस्वीर
केजरीवाल की याचिका पर कोर्ट सख्त, कहा- बिना सबूत नहीं हटाया जा सकता जज
प्रकृति और स्थानीय जीवन के कल्याण प्रयासों में ही सेवा की सार्थकता : राज्यपाल पटेल