मध्य प्रदेश: सीएमओ प्रभारी ज्योति सिंह को भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित किया गया, जांच में गड़बड़ी पाई गई
उमरिया: मध्य प्रदेश के मैहर जिले की सीएमओ प्रभारी ज्योति सिंह भ्रष्टाचार के आरोप में सस्पेंड कर दी गई हैं. आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान उमरिया में बड़ी वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं. भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के खुलासे के बाद शहडोल संभाग के कमिश्नर ने बुधवार को उन्हें निलंबित कर दिया. हालांकि, निलंबन की कार्रवाई से पहले कमिश्नर ने ज्योति सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया, लेकिन उन्होंने नोटिस का जवाब नहीं दिया. उमरिया जिले के अंतर्गत नौरोजाबाद में पदस्थ मुख्य नगर पालिका अधिकारी ज्योति सिंह के कारनामे किसी से छिपे नहीं है. लगातार लंबे समय से उनके द्वारा निर्माण कार्यों और सामग्री की खरीद फरोख्त में गड़बड़ी की जाती रही है. इसी के चलते कमिश्नर शहडोल के निर्देश पर कलेक्टर उमरिया के द्वारा मामले की जांच कराई गई. जांच में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी पाई गई.
पूरे मामले की जांच रिपोर्ट आने के बाद कलेक्टर उमरिया के द्वारा मुख्य नगर पालिका अधिकारी नौरोजाबाद ज्योति सिंह को पत्र जारी कर कारण बताओ नोटिस जारी किया. सात दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया था, लेकिन सीएमओ ज्योति सिंह के द्वारा कारण बताओ नोटिस का भी जवाब नहीं दिया गया. ज्योति सिंह की कार्यशैली से वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का भी लगातार अवहेलना करना प्रतिलक्षित होता है.
कमिश्नर ने किया सस्पेंड
सीएमओ नौरोजाबाद ज्योति सिंह के उक्त कृत मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण संहिता के विपरीत एवं दंडनीय है. इसी के चलते मध्य प्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील नियम 1966 के नियम 9 (1) क के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों को उपयोग में लाते हुए कमिश्नर शहडोल सुरभि गुप्ता ने नगर परिषद नौरोजाबाद की सीएमओ ज्योति सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
भ्रष्टाचार में संलिप्त रही हैं
ज्योति सिंह इसके पहले उमरिया नगर पालिका परिषद की मुख्य नगर पालिका अधिकारी रही हैं. इस दौरान भी इनके द्वारा तमाम कार्यों और खरीदी में व्यापक रूप से गड़बड़ी सामने आई थी, जिसके चलते ज्योति सिंह कई अखबारों और चैनलों की सुर्खियों में रही हैं. इस दौरान भी उनके क्रियाकलापों की जांच कराई गई. उसमें भी गड़बड़ियां सामने आई थीं. इसके बाद उनका ट्रांसफर नगर परिषद नौरोजाबाद के लिए किया गया. वहां वह लगातार सामग्री की खरीदी और निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार में संलिप्त रही हैं.

सपनों को मिले पहिए : भीमा मारकंडे की 'बैसाखी' से 'आत्मनिर्भरता' तक की प्रेरक यात्रा
कैबिनेट का बड़ा फैसला, Madhya Pradesh में व्यापारी कल्याण बोर्ड बनेगा, अन्य प्रस्ताव भी मंजूर
खुद को छात्र बताकर ठग ने किया बड़ा फ्रॉड
सोशल मीडिया पोस्ट के बाद समर्थक और विरोधी आमने-सामने
विदेश नीति में बदलाव! Subrahmanyam Jaishankar का आर्थिक कूटनीति पर जोर
बंगाल-असम पर Bharatiya Janata Party का फोकस, Amit Shah और JP Nadda बने पर्यवेक्षक
IPL 2026 वीडियो में दिखा कोहली का दर्द और सम्मान