जब 38 साल बाद पापा धर्मेंद्र के घर गई थी ईशा देओल, सनी देओल ने ऐसे की थी मदद !

बॉलीवुड की दुनिया से राजनीति की दुनिया में कदम रखने वाले सनी देओल इन दिनों सुर्खियों में हैं। सनी देओल ने अपनी सियासी पारी की शुरुआत बेहद खास अंदाज से किया। सनी देओल ने पंजाब के गुरदासपुर की सीट पर शानदार जीत हासिल की, जिसकी वजह से वे इन दिनों सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे हैं। जी हां, सनी देओल की जीत से जहां एक तरफ उनकी सियासी पारी की शुरुआत हुई है, तो वहीं दूसरी तरफ उनकी फैमिली भी एकजुट होती हुई नजर आ रही है। इसी सिलसिले में सनी देओल की जीत पर उनकी सौतेली बहन ईशा देओल ने उन्हें बधाई दी थी। तो चलिए जानते हैं कि हमारे इस लेख में आपके लिए क्या खास है?

यूं तो सनी देओल के रिश्ते उनकी सौतेली मां हेमा मालिनी और सौतेली बहनों से अच्छे नहीं है, लेकिन जब भी उन्हें ज़रूरत पड़ी तब उन्होंने बड़े भाई का फर्ज निभाया। जी हां, सनी देओल अपनी बहनों के लिए बड़े भाई का फर्ज निभाने से कभी भी पीछे नहीं हटे, लेकिन रिश्तों में आज तक मिठास नहीं आ पाई। खैर, माना जा रहा है कि सनी देओल की जीत के बाद ईशा देओल की तरफ से की गई पहल से दोनों के रिश्ते सुधर सकते हैं, लेकिन फिलहाल इस बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।

राम कमल मुखर्जी की बुक ‘हेमा मालिनी : बियॉन्ड द ड्रीम गर्ल’ ने ईशा देओल को लेकर एक बड़ा खुलासा किया गया है। ईशा देओल को अपने पापा धर्मेंद्र के पुस्तैनी घर जाने में 38 साल लग गए थे, जबकि घर सिर्फ 5 मिनट की ही दूरी पर है। दरअसल, हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र के पुस्तैनी घर पर कभी भी कदम नहीं रखा, जिसकी वजह से ईशा को भी उस घर में जाने के लिए 38 साल लग गए। इतना ही नहीं, 38 साल बाद जब ईशा देओल धर्मेंद्र के पुस्तैनी घर पर जाना चाहती थी, तब इसमें उनकी मदद सनी देओल ने की थी।

साल 2015 में धर्मेंद्र के भाई की तबीयत बहुत ज्यादा खराब हो गई थी, जिसकी वजह से ईशा उनसे मिलना चाहती थी। दरअसल, ईशा के चाचा उन्हें और उनकी बहन को बहुत चाहते हैं, जिसकी वजह से ईशा खुद को उनसे मिलने के लिए रोक नहीं पाई। ईशा देओल पापा धर्मेंद्र के घर जाना चाहती थी, लेकिन इंतजाम नहीं हो पा रहा था। इसके बाद उन्होंने सनी देओल को फोन किया तो सनी ने फौरन ही सारा इंतजाम किया और पहली बार ईशा ने पापा धर्मेंद्र के पुस्तैनी घर में कदम रखा, जिसके बाद सबका आशीर्वाद लेकर उन्होंने पैर छूआ और घर वापस आ गई।

शादी के बाद हेमा मालिनी ने कभी भी धर्मेंद्र के पुस्तैनी घर में कदम नहीं रखा। दरअसल, हेमा धर्मेंद्र की पहली पत्नी प्रकाश कौर और उनके बच्चों की ज़िंदगी में दखल नहीं देना चाहती हैं, जिसकी वजह से वे कभी नहीं गई। हालांकि, दोनों ही घरों के बीच का फासला सिर्फ 5 मिनट ही है, लेकिन कभी भी हेमा मालिनी उस घर में नहीं गई और अपनी ज़िंदगी में खुश हैं।