पाई-पाई को मोहताज हो गए थे अपने जमाने के ये बॉलीवुड सितारे, एक को तो करनी पड़ी गार्ड की नौकरी !

मायानगरी मुंबई में ना जाने कितने लोग मशहूर होने का सपना लेकर आते हैं, लेकिन कुछ को ही सफलता मिलती है। कुछ बॉलीवुड सितारे ऐसे हैं जिन्होंने काफी लोकप्रियता हासिल की। लेकिन इनको अंतिम समय में तंगहाली का सामना करना पड़ा। अपने समय में काफी नाम शोहरत कमाने वाले कुछ एक्टर्स ऐसी हालत में पाए गए हैं कि जिन्हें देखकर यकीन करना भी मुश्किल होता है कि इनका नाम कभी बड़े सितारों में भी गिना जाना जाता था। आज हम आपको ऐसे ही कुछ नामी एक्टर्स के बारे में बताएंगे जिन्होंने एक वक्त में फिल्म इंडस्ट्री पर राज किया लेकिन फिर उनकी हालत ऐसी हुई कि लोग उन्हें पहचान न सके।

सतीश कौल 

सतीश कौल का जन्म 8 सितंबर 1954 को कश्मीर में हुआ था। अमिताभ बच्चन और दिलीप कुमार के साथ काम कर चुके एक्टर सतीश कौल बेहद आर्थिक तंगी के बीच दिन गुजारे। जनवरी 2019 में उनके बारे में खबर छपने पर पंजाब सरकार ने पांच लाख रुपये की मदद भेजी थी। दरअसल, सतीश के पास जो जमा-पूंजी थी वो एक बिजनेस में डूब गई। इसके बाद उनकी हालत कुछ महीने पहले ऐसी बिगड़ी कि अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में भर्ती सतीश के पास इलाज के भी पैसे नहीं थे, बात मीडिया में आई तो फिल्म इंडस्ट्री के कुछ लोगों ने उनको मदद की।

पूजा डडवाल

सलमान खान के साथ काम कर चुकीं एक्ट्रेस पूजा डडवाल की आर्थिक हालत इतनी खराब हो गई कि वह अपना इलाज तक नहीं करा पा रही थीं। एक्ट्रेस ने बताया कि मदद के लिए उन्होंने सलमान खान से संपर्क करने की कोशिश की थी लेकिन बात नहीं हो पाई। बाद में जब सलमान को ये बात पता चली तो मदद के लिए आगे आए। काफी अरसे से टीबी और फेफड़ों से संबंधित बीमारी से जूझ रहीं पूजा डडवाल अब ठीक हो गई हैं। बता दें पूजा ने 1995 में फिल्म वीरगति से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। इस फिल्म में उनके साथ सलमान खान थे.

सवी सिद्धू

सवी सिद्धू ने अपने करियर की शुरुआत अनुराग कश्यप के साथ फिल्म पांच से की हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर रिलीज नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने अनुराग की ही फिल्म गुलाल और ब्लैक फ्राइडे, अक्षय कुमार के साथ पटियाला हाउस में काम किया। सवी के पास काम की कमी नहीं रही, उन्होंने यशराज बैनर और सुभाष घई की फिल्मों में किरदार निभाए लेकिन फिर उनकी जिंदगी में ऐसा दौर आया जब उन्हें इंडस्ट्री छोड़नी पड़ी। और बाद में अपने घर का खर्च चलाने के लिए गार्ड की नौकरी करनी पड़ी।

राजेंद्र कुमार

साल 1963 से 1966 के दौरान राजेंद्र कुमार की सभी फिल्में सुपरहिट हुईं। कहा जाता है कि उस वक्त हर सिनेमाघर में राजेन्द्र कुमार की ही फिल्म लगी थी और सभी फिल्मों ने सिल्वर जुबली मनाई। जिस वजह से लोग राजेन्द्र कुमार को ‘जुबली कुमार’ कहकर बुलाने लगे। एक वक्त ऐसा आ गया था जब राजेन्द्र कुमार की आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गई थी। यहां तक कि उन्होंने अपना बंगला राजेश खन्ना तक को बेच दिया था। इस बंगले का नाम उस वक्त ‘डिंपल’ था। लोगों का कहना है कि जिस दिन राजेन्द्र कुमार ने बंगला छोड़ा था वह उस रात फूट-फूटकर रोए थे।

Source: Amar Ujala

 

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