जब भाई की मौत के बाद बुरी तरह टूट गए थे मनोज कुमार, करने लगे थे मार-पीट, फिर खाने पड़े थे पुलिस के डंडे !

‘है प्रीत जहां की रीत सदा, मैं गीत वहां के गाता हूं…’ फिल्म ‘क्रांति’ का ये गाना आज भी अक्सर लोगों की जुबान से सुनने को मिल जाता है. जब भी देशभक्ति के गानों या फिल्मों की याद आती है तो मनोज कुमार (Manoj Kumar) का चेहरा दिमाग में घूमने लगता है. या फिर यूं कहें कि उनका नाम आते ही उनकी देशभक्ति वाली सभी फिल्में जहन में ताजा हो जाती हैं.

कई देशभक्ति फिल्मों का हिस्सा बने मनोज कुमार

23 जुलाई 1937 को पाकिस्तान के ऐबटाबाद में जन्में पद्मश्री और दादा साहेब फाल्के अवार्ड से सम्मानित एक्टर हरिकिशन गिरी गोस्वामी शनिवार को अपना 84वां जन्मदिन मना रहे हैं.

पूरी दुनिया में मनोज कुमार के नाम से पहचान बनाने वाले एक्टर अपने अभिनय करियर में वह इस कदर देशभक्ति की भावना में डूबे कि उन्होंने ज्यादा से ज्यादा देशभक्ति फिल्में दर्शकों के सामने पेश करना शुरू कर दिया. इसी वजह से उन्हें भारत कुमार कहा जाने लगा.

रिफ्यूजी कैम्प में रहते थे मनोज कुमार

मनोज कुमार ने जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव देखें हैं. उन्होंने एक बार एक इंटरव्यू के दौरान इन संघर्षों का जिक्र करते हुए दास्तां सुनाई थी. उन्होंने बताया था कि उनकी जिंदगी में एक पल वो भी आया था जब उन्हें रिफ्यूजी कैम्प में रहना पड़ा था. यहां बहुत मुश्किलों से उनका गुजर-बसर हुआ करता था. किसी तरह उनकी जिंदगी के हर दिन बीत रहे.

मनोज कुमार खो चुके हैं छोटा भाई

इसी मुश्किल भरी जिंदगी में मनोज कुमार पर उस समय दुखों का पहाड़ टूट पड़ा जब उन्होंने अपने छोटे भाई की खो दिया. तब खुद उनकी उम्र भी काफी कम थी. भाई को खोने पर जैसे वह सदमे में आ गए थे. वह इस गम को बर्दाश्त ही नहीं कर पा थे और इसी के मनोज कुमार बहुत चिड़चिड़े और गुस्सैल भी हो गए थे. ऐसे में वह पूरी तरह से आपा खो बैठे थे और उन्होंने मारपीट तक शुरू कर दिया था. इसी दौरान उन्हें पुलिस के डंडे तक खाने पड़ गए थे.

पिता ने दी मनोज कुमार को कसम

जब मनोज कुमार के पिता को इस बात का एहसास हुआ कि अब बात हद से आगे बढ़ने लगी है तो उन्होंने बेटे को संभाला. इसके बाद उन्होंने मनोज कुमार को समझाया और उन्हें कसम दिलाई कि वह अब कभी किसी से लड़ाई-झगड़ा या मारपीट नहीं करेंगे. पिता के समझाने के बाद मनोज कुमार ने अपने करियर पर ही ध्यान देने का फैसला किया.

मंगेतर से इजाजत लेकर फिल्मों में आए थे मनोज कुमार

मनोज कुमार को हमेशा से ही एक्टर बनने में दिलचस्पी थी. उन्हें फिल्में देखना बहुत पसंद था. उनके डेब्यू को लेकर एक किस्सा काफी मशहूर है. दरअसल, जब मनोज कुमार को फिल्मों में काम करने का मौका मिला, तब इसके लिए उन्होंने अपनी मंगेतर शशि गोस्वामी से इजाजत से मांगी. शशि की रजामंदी मिलने के बाद ही उन्होंने फिल्मों में काम करना शुरू किया.

Source: Zee News 

 

 

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