53 साल की हुई ‘लव स्टोरी’ की एक्ट्रेस विजेता पंडित, जानिए आज कहाँ और किस हाल में हैं

बॉलीवुड में बहुत से ऐसे कलाकार हैं जो लगातार हिट फिल्में देने के बाद भी अचानक से पर्दे से गायब हो जाते हैं. उन्ही में से एक अभिनेत्री के बारे में आज हम आपको बता रहे हैं. यह अभिनेत्री कोई और नहीं बल्कि सुपरहिट फिल्म ‘लव स्टोरी’ की लीड एक्ट्रेस विजेता पंडित हैं. आज यानि 25 अगस्त को विजेता का जन्म दिन है. ऐसे में वह आज के दिन 53 साल की हो गई हैं.

एक समय में सबका दिल जीतने वाली यह एक्ट्रेस अब फ़िल्मी चकाचौंद से काफी दूर रहती हैं. बता दें कि विजेता का जन्म 25 अगस्त साल 1967 को मुंबई में हुआ था. उनके पिता प्रताप नरेन पंडित एक जाने-माने संगीतकार रह चुके हैं जबकि पंडित जसराज उनके चाचा थे. विजेता कुल 7 भाई-बहन हैं. अपने सब भाई बहनों में से विजेता को सबसे अधिक कामयाबी हासिल हुई है.

जहाँ विजेता एक जानी-मानी बॉलीवुड एक्ट्रेस बन कर उभरी, वहीँ उनके भाई जतिन और ललित पंडित इंडस्ट्री के प्रसिद्ध संगीतकार हैं. 1980 के दौरान सुपरस्टार राजेंद्र कुमार अपने बेटे कुमार गौरव को बॉलीवुड में एंटर करने की कोशिश में थे. इसलिए वह अपने बेटे के साथ नई अभिनेत्री का चेहरा कास्ट करने पर अधिक जोर दे रहे थे. इसलिए उनकी फिल्म ‘लव स्टोरी’ के लिए विजेता पंडित का नाम चुना गया. यह फिल्म 1981 में रिलीज़ की गई जोकि बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा कर सुपरहिट साबित हुई. इसके बाद विजेता ने 15 से ज्यादा फिल्मों में काम किया और काफी नाम भी कमाया.

फिल्म ‘लव स्टोरी’ के बाद विजेता को लीड रोल के लिए ‘जीते हैं शान से’, ‘ दीवाना तेरे नाम का’, ‘प्यार का तूफ़ान’ और ‘जलजला’ जैसी फिल्मों के लिए चुना गया. बता दें कि पहली ही फिल्म में काम करने के दौरान विजेता और कुमार गौरव को एक-दुसरे से प्यार हो गया था लेकिन कुमार गौरव के पिता राजेंद्र कुमार इस बात के सख्त खिलाफ थे. दोनों एक्टर्स अपने परिवार के खिलाफ नहीं जाना चाहते थे इसलिए दोनों ने एक दुसरे से अपने रास्ते अलग कर लिए. इसके बाद साल 1984 में राजेंद्र कुमार ने बेटे कुमार गौरव की शादी सुनील दत्त की बेटी नम्रता से करवा दी.

ब्रेकअप के बाद विजेता ने चार साल तक काम नहीं किया उर घर पर ही रहीं. इसके बाद साल 1985 में उन्होंने ‘मोहब्बत’ और फिर ‘मिसाल’ फिल्म से बड़े पर्दे पर वापसी कर ली. लेकिन इतने सालों के गैप के बाद उन्हें पब्लिक ने पहले जैसा प्यार नहीं दिया. 1986 में आई फिल्म ‘कार थीफ’ में विजेता पंडित का पहली बार बोल्ड अवतार देखा गया लें इसके बावजूद भी यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह से फ्लॉप साबित हुई. आख़िरकार उन्होंने इसी साल फिल्म निर्देशक समीर माकलन से शादी रचा कर अपना घर बसा लिया.

हालाँकि यह शादी लंबी नहीं चल पाई और मतभेदों के चलते इनका तलाक 1988 में ही हो गया. विजेता के भाई संगीत जगत से जुड़े थे इसलिए इनके घर कई संगीतकारों का आना जाना रहता था. ख़ास तौर पर मशहूर गीतकार आदेश श्रीवास्तव इनके भाई ललित और जतिन के अच्छे मित्र थे. इसलिए बाद में विजेता की शादी इनसे करवा दी गई. इस शादी से उन्हें दो बेटे अनिवेश और अवितेश हुए. साल 2015 में कैंसर के चलते विजेता के पति इस दुनिया में नहीं रहे. ऐसी गरीबी की हालत हुई कि उन्हें अपनी कार भी बेचनी पड़ गई.

विजेता की बहन सुरक्षणा की मानसिक स्तिथि ठीक नहीं है इसलिए दो बेटों के इलावा उनकी जिम्मेदारी भी विजेता पर ही है. कहा जाता है कि विजेता की इस बहन से शादी करने का प्रस्ताव संजीव कुमार ने ठुकरा दिया था जिसके बाद से उनकी मानसिक हालत लगातार बिगडती चली गई. संजीव कुमार के निधन के बाद उनकी बहन इस कदर टूटी की उनकी कमर का चार बार ऑपरेशन करना पड़ा. इसका कारण उनका बिस्तर से गिरना और कमर की हड्डी का टूटना भी बताया जाता है. बहरहाल अब विजेता उन्हें अपने घर में ही रखती हैं और उनकी देख-रेख करती हैं.

Source: Namanbharat

 

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