कंगना रनौत केस में BMC को फिर लगी फटकार, कोर्ट में गूंजा संजय राउत का ‘क्‍ल‍िप’

कंगना रनौत के दफ्तर पर तोड़फोड़ की कार्रवाई अब बीएमसी के लिए परेशानी का सबब बन गई है। बॉम्‍बे हाई कोर्ट में सोमवार को मामले में फिर सुनवाई शुरू हुई। इस दौरान कोर्ट ने एक बार फिर बीएमसी को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने साफ शब्‍दों में बीएमसी से पूछा कि कंगना के दफ्तर पर कार्रवाई में आपने इतनी तेजी दिखाई, लेकिन अवैध निर्माण को लेकर जो पहले की लिस्‍ट तैयार है, उसमें अभी तक ऐक्‍शन क्‍यों नहीं लिया। इसके साथ ही कोर्ट ने संजय राउत को भी ‘हरामखोर’ शब्‍द पर जवाब देने को कहा है।

‘पहले जो तोड़ने के ऑर्डर द‍िए तब तो तेजी नहीं दिखी’

सोमवार को जस्‍ट‍िस एस. कथावाला और जस्‍ट‍िस रियाज चागला ने कंगना वर्सेज एमबीसी मामले की सुनाई की। कंगना के वकील बिरेन्द्र सराफ ने कोर्ट को तोड़फोड़ की तस्वीरें दिखाई। उन्होंने पुरानी फोटोज और तोड़फोड़ के बाद ली गई फोटोज में तुलना भी की। इस पर जजों ने कहा कि कई ऐसे केस हुए हैं जब हमने कॉरपोरेशन को किसी जगह को तोड़ने के लिए कहा और उन्होंने नहीं तोड़ा। हमने देखा कि इस केस के हमारे पहले आर्डर पर ही जिस तेजी से बीएमसी ने काम किया, यदि शहर के अन्य केस पर भी इतनी तेजी से काम करें तो ये शहर रहने के लिए और बेहतर हो जाएगा।

कंगना को नहीं दिया गया मौका: वकील

जस्‍ट‍िस कथावाला ने बताया कि कई बार ऐसा भी हुआ है कि बीएमसी को तोड़फोड़ ना करने के लिए फाइन भरना पड़ा है। वकील बिरेन्द्र सराफ ने पक्ष रखते हुए कहा कि कंगना डवलपमेंट कंट्रोल रूल की एक्सपर्ट नहीं है। पार्टियों के पास रेगुलराइजेशन के लिए जाने का विकल्प होता है, जो कि कंगना को नहीं दिया गया। क्योंकि प्राधिकारियों ने प्रावधानों के हिसाब से कुछ नहीं किया। कंगना को सभी मौकों से वंचित रखा गया, क्योंकि अधिकारियों ने एक प्रावधान लागू किया था जो पहले लागू नहीं था।

कोर्ट ने पूछा- फोटो लेना सब इंजीनियर का काम है ?

दोनों जजों की बेंच ने बीएमसी के वकील अस्पी चिनॉय से कंगना के दफ्तर में तोड़फोड़ के बाद फोटो लिए जाने पर सवाल पूछे। इस पर कोर्ट से कहा गया कि मुकादम ने अपने फोन में फोटो ली थी। जबकि चिनॉय ने कोर्ट को कहा कि एक सब इंजिनियर ने कंगना के टूटे ऑफिस की फोटो अपने फोन में ली थी। इस पर जज ने गुस्‍सा जाहिर करते हुए पूछा कि क्‍या ये सब इंजिनियर का काम है।

कंगना ने मांगा है 2 करोड़ का मुआवजा

कंगना ने बीएमसी से तोड़फोड़ के लिए 2 करोड़ रुपये का मुआवजा मांगा है। मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर संजय राउत को भी केस में मुख्य आरोपी बनाया गया है। कंगना और संजय राउत के बीच ट्विटर वॉर के बाद ही कंगना के दफ्तर पर कार्रवाई हुई थी।

संजय राउत का पूरा इंटरव्‍यू नहीं मिला

कोर्ट ने कंगना रनौत के वकील को बीएमसी की कार्रवाई से जुड़ी फाइल और संजय राउत के दोनों इंटरव्यू के क्लिप लाने को कहा था। इनमें ‘हरामखोर’ शब्‍द का इस्‍तेमाल है। कंगना ने वकील ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने कंगना के 30 अगस्त से अब तक के सभी ट्वीट पेश कर दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह संजय राउत का पूरा इंटरव्यू नहीं ढूंढ पाए। सिर्फ एक क्लिप ही है जो पब्लिक डोमेन में उपलब्ध है। पूरा विडियो ट्रेस करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

कोर्ट को सुनाया गया ‘हरामखोर’ वाला क्‍ल‍िप

कंगना के वकील ने इस पर कहा कि ऐक्‍ट्रेस ने सरकार के खिलाफ कुछ बयान दिए थे। राउत ने इस पर कहा था कि कंगना को सबक सिखाना होगा। वकील बिरेंद्र सराफ ने कोर्ट में संजय राउत के उस बयान का विडियो क्लिप प्ले किया, जिसमें उन्होंने ‘हरामखोर’ शब्द बोला था। इस पर राउत के वकील ने कहा कि उनके मुवक्‍क‍िल ने इसमें किसी का नाम नहीं लिया है। कोर्ट ने राउत के वकील प्रदीप थोराट से पूछा, ‘अगर संजय राउत कह रहें हैं कि उन्होंने कंगना के लिए यह शब्द इस्तेमाल नहीं किया, तो क्या हम इस बयान को रेकॉर्ड कर सकते हैं?’ राउत के वकील बोले, ‘मैं इसपर अपना एफिडेविट कल फाइल करूंगा।’

Source: Navbharat Times 

 

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