किसी ने 38 तो किसी ने 44 साल की उम्र में किया डेब्यू, अभिनय के दम पर बॉलीवुड में इन सितारों का बजा डंका

आमतौर पर यह कहा जाता है कि करियर को लेकर आप जितनी जल्दी प्लान बना लें उतनी जल्दी सफलता मिलती है। हालांकि बॉलीवुड में करियर बनाने के लिए उम्र की सीमा कोई मायने नहीं रखती। एक वजह यह भी है कि यहां खुद को स्थापित करना इतना भी आसान नहीं है। तो चलिए इसी कड़ी में उन कलाकारों के बारे में बताते हैं जिन्होंने 30 की उम्र पार करने के बाद बॉलीवुड में डेब्यू किया और सफलता पाई।

1. संजय मिश्रा 

अभिनेता संजय मिश्रा बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। वह सहजता से किसी भी तरह की भूमिका निभा सकते हैं। भले ही वह ज्यादातर सहायक भूमिका में या मल्टी-कास्ट फिल्म में दिखाई दिए हों, लेकिन फिर भी एक छाप छोड़ने में कामयाब रहे हैं। फिल्म में छोटे किरदार से भी उन्होंने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। कोई फर्क नहीं पड़ता कि फिल्म में मुख्य अभिनेता कौन है, संजय मिश्रा अपनी कॉमिक टाइमिंग और अभिनय कौशल से छाप छोड़ जाते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि संजय मिश्रा ने फिल्मों में अपने करियर की शुरुआत 33 साल की उम्र में की। उनकी पहली फिल्म ओह डार्लिंग, ये है इंडिया थी।

2. किरण खेर 

किरण खेर के पति अनुपम खेर बॉलीवुड के सर्वश्रेष्ठ अभिनेताओं में से हैं। वहीं किरण खेर भी अपने दमदार अभिनय के लिए जानी जाती है। फिल्मों में आने से पहले किरण खेर थियेटर में नाटक करती थीं। 36 साल की उम्र में किरण खेर ने फिल्म पेस्टोंजी से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में डेब्यू किया। किरण खेर की मुख्य फिल्मों में देवदास, मैं हूं ना, दोस्ताना और ओम शांति ओम सहित अन्य हैं।

3. अमरीश पुरी

फिल्मों में आने से पहले अमरीश पुरी बीमा कंपनी में नौकरी करते थे। अमरीश पुरी ने नौकरी के साथ ही पृथ्वी थियेटर ज्वाइन किया था जब वे 22 साल के थे तो उन्होंने एक ऑडीशन दिया था लेकिन निर्माता ने उनको ये कहते हुए खारिज कर दिया था कि उनका चेहरा बड़ा पथरीला है। बाद में उन्होंने 40 साल की उम्र में फिल्म ‘रेशमा और शेरा’ (1971) में एक ग्रामीण व्यक्ति का किरदार निभाया। फिल्म में उनके साथ सुनील दत्त और वहीदा रहमान थे।

बोमन

बोमन ने 42 साल की उम्र में फिल्मों में डेब्यू किया। उन्होंने मुंबई के मीठीबाई कॉलेज से ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। पढ़ाई के बाद उन्होंने मुंबई के होटल ताज में दो साल तक काम किया था। वे वेटर और रूम सर्विस स्टाफ में थे। साल 2003 में बोमन की पहचान फिल्म मुन्नाभाई एमबीबीएस से बनी।

Source: Amar Ujala

 

 

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